शारदीय नवरात्रि के सातमी में पत्थलगांव पुरानी बस्ती बूढ़ी माई मंदिर में किया गया विशाल भंडारा, पिछले 80 सालों से जुड़ी है पुरानी आस्था
शारदीय नवरात्रि के सातमी में पत्थलगांव पुरानी बस्ती बूढ़ी माई मंदिर में किया गया विशाल भंडारा, पिछले 80 सालों से जुड़ी है पुरानी आस्था

शारदीय नवरात्रि के सातमी में पत्थलगांव
पुरानी बस्ती बूढ़ी माई मंदिर में किया गया विशाल भंडारा, पिछले 80 सालों से जुड़ी है पुरानी आस्था


पुरानी बस्ती बूढ़ी माई मंदिर में सातमी पर विशाल भंडारा, 80 साल पुरानी है आस्था, सच्चे मन से मांगने पर पूरी होती है मुराद
पत्थलगांव: शारदीय नवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पिछले 4 साल से लगातार हो रहा भंडारे का आयोजन
पत्थलगांव, जशपुर।
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर जशपुर जिले के पत्थलगांव की पुरानी बस्ती स्थित प्रसिद्ध माता बूढ़ी माई मंदिर में सातमी के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में पत्थलगांव नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता के दर्शन किए और भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरानी बस्ती स्थित माता बूढ़ी माई मंदिर में पिछले चार वर्षों से लगातार शारदीय नवरात्रि के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन मंदिर समिति एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से किया जा रहा है। इस वर्ष भी परंपरा को कायम रखते हुए सातमी के दिन भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
80 साल पुराना है मंदिर बड़ी हैं मान्यता
स्थानीय लोगों के अनुसार पुरानी बस्ती का बूढ़ी माई मंदिर लगभग 80 वर्ष पुराना है। यह पत्थलगांव का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। मंदिर की मान्यता है कि जो भी भक्त सच्ची आस्था और सच्चे मन से यहां पूजा-अर्चना कर माता से मुराद मांगता है, माता बूढ़ी माई उसकी हर मनोकामना को अवश्य पूर्ण करती हैं। इसी मान्यता के चलते नवरात्रि के नौ दिनों तक यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
नवरात्रि के अवसर पर मंदिर को आकर्षक विद्युत झालरों और फूलों से सजाया गया था। शाम को महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे दिन “जय माता दी” के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा।

इस भंडारे को सफल बनाने में मंदिर समिति के सदस्य गणेश साहू,अशोक गुप्ता, रवि नारायण सिदार, विजेन्द्र सिंह ठाकुर, पार्षद संजय तिवारी,विजय साहू, प्रमेन्द्र चौहान, सुदर्शन सिंह,संजय दिलीप सिदार,साहू,श्याम चौहान,मोनल गुप्ता, यशवंत सिंह,राजकुमार सिंह, जगेश्वर सिंह,रोशन साहू, एवं समस्त समिति के सदस्य और स्थानीय महिलाओं का विशेष योगदान रहा।







